इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम से हिंदू धर्म अपनाने वाले एक युवक को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने प्रयागराज प्रशासन के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें युवक के धर्म परिवर्तन के आवेदन को खारिज कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि युवक अपनी पत्नी के साथ खुशी-खुशी वैवाहिक जीवन जी रहा है और पुलिस को उनके निजी जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले मुस्लिम सहायक प्रोफेसर ने साल 2022 में हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया था। युवक ने अदालत को बताया कि उसने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म स्वीकार किया और इसके बाद एक हिंदू महिला से शादी की है। हिंदू महिला पेशे से लेक्चरर है। हालांकि इस शादी का महिला के परिवार ने विरोध किया। परिवार की ओर से युवक के खिलाफ अवैध धर्म परिवर्तन और अन्य आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई। 

हाईकोर्ट ने क्या कहा?
इसके बाद युवक ने अपने धर्म परिवर्तन को वैधानिक मान्यता दिलाने के लिए एडीएम प्रशासन प्रयागराज के समक्ष आवेदन किया था। लेकिन एडीएम प्रशासन ने युवक के आवेदन को खारिज कर दिया। प्रशासन का कहना था कि मामले में पर्याप्त आधार नहीं पाए गए। इस फैसले को युवक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर गौर किया। अदालत ने पाया कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया कानून के मुताबिक पूरी की गई थी। कोर्ट को बताया गया कि आर्य समाज मंदिर के पुरोहित ने तय समय सीमा के भीतर प्रशासन को इसकी सूचना भी दे दी थी।

कोर्ट ने प्रशासन को लगाई फटकार
इसके अलावा पुलिस की जांच रिपोर्ट में भी कहा गया कि युवक ने बिना किसी दबाव, लालच या प्रलोभन के स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया। जांच में किसी प्रकार की जबरदस्ती या अवैध गतिविधि के सबूत नहीं मिले। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एडीएम का काम केवल यह जांचना है कि धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से हुआ या नहीं। अदालत ने कहा कि प्रशासन को विवाह की वैधता तय करने का अधिकार नहीं है। युवक की पत्नी ने भी कोर्ट में बयान दिया कि वह अपने पति के साथ खुशी से रह रही है और उस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज पुलिस को निर्देश दिया कि दंपत्ति के वैवाहिक जीवन में किसी तरह का हस्तक्षेप न किया जाए। साथ ही अदालत ने एडीएम प्रशासन को आदेश दिया कि युवक के धर्म परिवर्तन के आवेदन पर नए सिरे से विचार कर कानून के अनुसार फैसला लिया जाए।

Source Link

Picture Source :